नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने सोमवार को एक और आरोपी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर अदालत में पेश किया. दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट में सीबीआई ने विशेष अदालत से आरोपी की 10 दिन की कस्टडी मांगी. स्टूडेंट्स के बीच ‘M सर’ के नाम से मशहूर शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के बड़े कोचिंग सेंटर रेणुकाई करियर सेटर (RCC) का संचालक है.
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, लातूर में कोचिंग क्लास चलाने वाले मोटेगांवकर ने कथित पेपर लीक नेटवर्क में अहम भूमिका निभाई थी. एजेंसी ने पहले उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, जिसके बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया.
कौन है नीट पेपर लीक आरोपी M सर
शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर उर्फ M सर पिछले दो दशक से लातूर के स्टूडेंट्स के लिए सफलता की मिसाल माने जाते रहे हैं. केमिस्ट्री एमएससी में गोल्डमेडलिस्ट, एक बड़े कोचिंग नेटवर्क के संस्थापक मोटेगांवकर का नीट यूजी पेपर लीक से पहले शिक्षा जगत में प्रतिष्ठित नाम था.
कोचिंग साम्राज्य खड़ा करने वाला टीचर
2 फरवरी 1980 को जन्मे शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने साल 2003 में लातूर में रेणुकाई करियर सेंटर (RCC) की शुरुआत की. आरसीसी धीरे-धीरे महाराष्ट्र के प्रमुख केमिस्ट्री कोचिंग नेटवर्क्स में शामिल हो गया, जहां नीट, जेईई और MHT-CET की तैयारी कराई जाती थी. RCC ने समय के साथ महाराष्ट्र के आठ शहरों — पुणे, नासिक, औरंगाबाद, नांदेड़, सोलापुर, कोल्हापुर और अकोला तक विस्तार किया. कोचिंग की वेबसाइट पर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को विजनरी एजुकेटर बताया गया है.
3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए हुई थी. लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और जांच CBI को सौंप दी गई. मामले ने तब बड़ा मोड़ लिया जब एक अभिभावक ने शिकायत दर्ज कराई कि एक निजी मॉक टेस्ट के 42 प्रश्न वास्तविक परीक्षा से हूबहू मेल खाते थे. इसी सुराग ने जांच एजेंसियों को सीधे लातूर तक पहुंचा दिया.
एम सर को 3 अप्रैल को ही मिल गए थे प्रश्न
जांच एजेंसियों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि शिवराज रघुनाथ मोटेंगांवकर को 23 अप्रैल 2026 को ही नीट यूजी के केमिस्ट्री के सवाल और जवाब मिल गए थे. जबकि परीक्षा तीन मई को थी. एजेंसियों को आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से NEET-UG 2026 के लीक हुए सवाल भी मिले हैं. आरोप है कि शिवराज ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कई लोगों को लीक प्रश्नपत्र और उत्तर शीट की कॉपी उपलब्ध कराई. इस मामले में आगे की जांच जारी है.












