अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब यूक्रेन में सीजफायर की मांग छोड़ दी है. इसके बजाय वे अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं, जिसमें वह एक स्थायी शांति समझौता चाहते हैं. हालांकि, कुछ यूरोपीय नेता अब भी पहले एक अस्थायी युद्धविराम की मांग कर रहे हैं, भले ही ट्रंप को अब इसकी जरूरत नहीं लगती. यूक्रेन और यूरोपीय देश शांति चाहते हैं लेकिन उनका कहना है कि दुनिया के सबसे बुनियादी नियम को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए कि कोई देश ताकत के बल पर कुछ भी कर सकता है.
एक सकारात्मक पहल के तहत रूसी अधिकारियों ने 1,000 यूक्रेनी सैनिकों के शव यूक्रेन को लौटाए हैं. यह जानकारी यूक्रेन के सरकारी विभाग की ओर से कीव इंडिपेंडेंट को दी गई. वहीं रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS ने भी इस बात की पुष्टि की है कि बदले में यूक्रेन ने 19 रूसी सैनिकों के शव लौटाए हैं. इसके अलावा, TASS ने यह भी बताया कि रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक एक ही दिन में लगभग 1,370 यूक्रेनी सैनिक मारे गए. हालांकि इस बात की पुष्टि यूक्रेन की ओर से नहीं की गई है. दोनों देशों के बीच शांति कवायदों के बीच लगातार कुछ न कुछ चल रहा है, जिसकी जानकारी हम आपको दे रहे हैं.
स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया ने मंगलवार को कहा कि अगर यूक्रेन में शांति वार्ता के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आते हैं, तो वे उन्हें अपने देश में आने की अनुमति देंगे. इन दोनों देशों ने कहा है कि भले ही अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर रखा है, लेकिन वे वार्ता कराने के लिए तैयार हैं. स्विस विदेश मंत्री इग्नाज़ियो कासिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कुछ शर्तों के तहत पुतिन को स्विट्ज़रलैंड में कदम रखने की अनुमति दी जा सकती है. ऑस्ट्रिया की ओर से भी कहा गया है कि अगर उसके देश में यूक्रेन युद्ध को लेकर शांति वार्ता होती है, तो वह अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) से संपर्क करेगा ताकि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भागीदारी संभव हो सके.
रूस ने यूक्रेन पर किया हमला
रूस ने भी मंगलवार रात यूक्रेन के केंद्रीय शहर क्रेमेनचुक पर बड़ा हमला किया, जिससे शहर के ऊपर धुएं का घना गुबार छा गया. स्थानीय मेयर विताली मालेत्स्की ने कहा कि यह हमला दर्शाता है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शांति नहीं चाहते. यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक यह अगस्त का अब तक का सबसे बड़ा हमला था. रूस ने 270 ड्रोन और 10 मिसाइलें दागीं, जिनमें से 230 ड्रोन मार गिराए गए, लेकिन 16 स्थानों पर हमले सफल रहे. क्रेमेनचुक और अन्य क्षेत्रों में ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया, जिससे बड़ी आग लगी और करीब 1,500 घरों की बिजली चली गई. रूस ने दावा किया कि उसने यूक्रेन की सेना को सप्लाई देने वाली एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया.












