घरेलू सरजमीं पर 25 साल बाद साउथ अफ्रीका से टेस्ट सीरीज हारने के बावजूद बीसीसीआई किसी तरह के कोई बदलाव के मूड में नहीं है. 12 महीने के भीतर भारत को भारत में दो-दो करारी टेस्ट सीरीज हार मिली इसके बावजूद बीसीसीआई कोई एक्शन नहीं लेने वाला. जो जैसा चल रहा है वैसा ही चलता रहेगा. न तो हेड कोच गौतम गंभीर कहीं जा रहे हैं और न ही किसी प्लेयर की छुट्टी हो रही है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर का एटिट्यूड देखकर आपको भी इस बात का अंदाजा लग ही चुका होगा.
2027 तक अपना कार्यकाल पूरा करेंगे गंभीर
अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी हार झेलने के बाद जब गौतम गंभीर प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे तो उनके चेहरे पर किसी तरह का कोई अफसोस नहीं था. किसी बात की कोई शिकन नहीं थी. गंभीर तो ऐसे तेवर दिखा रहे थे जैसे साउथ अफ्रीका ने हमारा नहीं बल्कि हमने साउथ अफ्रीका का सूपड़ा साफ किया हो. जब से गौतम कोच बने हैं, भारतीय टेस्ट टीम की हालत ‘गंभीर’ हो चुकी है. गौतम के कार्यकाल में भारत 19 में 10 टेस्ट हार चुका है. दो मुकाबले ड्रॉ रहे हैं. 12 महीनों के भीतर पहले न्यूजीलैंड ने हमें घर पर हराया और फिर साउथ अफ्रीका ने इज्जत उतारी. ऑस्ट्रेलिया जाकर भी हम बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हारे.
अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी हार झेलने के बाद जब गौतम गंभीर प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे तो उनके चेहरे पर किसी तरह का कोई अफसोस नहीं था. किसी बात की कोई शिकन नहीं थी. गंभीर तो ऐसे तेवर दिखा रहे थे जैसे साउथ अफ्रीका ने हमारा नहीं बल्कि हमने साउथ अफ्रीका का सूपड़ा साफ किया हो. जब से गौतम कोच बने हैं, भारतीय टेस्ट टीम की हालत ‘गंभीर’ हो चुकी है. गौतम के कार्यकाल में भारत 19 में 10 टेस्ट हार चुका है. दो मुकाबले ड्रॉ रहे हैं. 12 महीनों के भीतर पहले न्यूजीलैंड ने हमें घर पर हराया और फिर साउथ अफ्रीका ने इज्जत उतारी. ऑस्ट्रेलिया जाकर भी हम बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हारे.
बीसीसीआई कोई भी फैसला लेने में जल्दबाजी नहीं करेगा, टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है. जहां तक कोच गौतम गंभीर का सवाल है, हम उनके बारे में कोई फैसला नहीं लेंगे क्योंकि विश्व कप नजदीक है और उनका अनुबंध 2027 विश्व कप तक है. बीसीसीआई आगे चलकर चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन से बात करेगा, लेकिन कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा.
आखिर किसके दम पर उछल रहे गंभीर?
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब गौतम गंभीर से सवाल पूछा गया कि क्या वह टेस्ट क्रिकेट में हेड कोच बने रहने के लिए सही व्यक्ति हैं तो पूर्व सलामी बल्लेबाज ने तपाक से कहा कि उनके फ्यूचर का फैसला बीसीसीआई करेगा. ये बात कहते हुए उनका कॉन्फिडेंस सातवें आसमां पर था. जैसे उन्हें कोई नहीं हटा सकता! ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर गंभीर के सिर पर किसका हाथ है, जो ऐसे घटिया प्रदर्शन के बाद भी वह पूरी बेशर्मी के साथ तेवर दिखा रहे हैं.
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब गौतम गंभीर से सवाल पूछा गया कि क्या वह टेस्ट क्रिकेट में हेड कोच बने रहने के लिए सही व्यक्ति हैं तो पूर्व सलामी बल्लेबाज ने तपाक से कहा कि उनके फ्यूचर का फैसला बीसीसीआई करेगा. ये बात कहते हुए उनका कॉन्फिडेंस सातवें आसमां पर था. जैसे उन्हें कोई नहीं हटा सकता! ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर गंभीर के सिर पर किसका हाथ है, जो ऐसे घटिया प्रदर्शन के बाद भी वह पूरी बेशर्मी के साथ तेवर दिखा रहे हैं.
क्या गौतम गंभीर के इस्तीफे की मांग सही वाजिब?
इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई जल्द ही चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन से बात करेगा और उनकी बात सुनेगा. कोई बड़ा फैसला भी नहीं होगा और संभावना है कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन उन्हीं खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ेंगे, जिन पर पिछले कुछ समय से भरोसा जताया जा रहा है.
इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई जल्द ही चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन से बात करेगा और उनकी बात सुनेगा. कोई बड़ा फैसला भी नहीं होगा और संभावना है कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन उन्हीं खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ेंगे, जिन पर पिछले कुछ समय से भरोसा जताया जा रहा है.












