ईरानी हमले के बाद थाईलैंड का जहाज फंसा, क्रू अब भी लापता

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ईरान अमेरिका के बीच की जंग अपने 28वें दिन में पहुंच गई है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले संभावित हमलों को फिलहाल 10 दिनों के लिए टाल दिया है. यह फैसला ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ऐलान करते हुए कहा कि ईरान सरकार के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया है. उन्होंने बताया कि अब ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की समयसीमा बढ़ाकर 6 अप्रैल 2026 रात 8 बजे तक कर दी गई है. पहले यह डेडलाइन शुक्रवार तक खत्म होने वाली थी.

क्या ईरान-अमेरिका में चल रही बात?

ट्रंप ने अपने बयान में कहा, ‘बातचीत जारी है और बहुत अच्छी चल रही है, भले ही कुछ लोग इसके उलट कह रहे हों.’ उन्होंने साफ किया कि अगर ईरान तय शर्तों को पूरा नहीं करता, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने खुलासा किया कि ईरान ने शुरुआत में 7 दिन की मोहलत मांगी थी, लेकिन उन्होंने 10 दिन देने का फैसला किया. ट्रंप ने कहा, ‘उन्होंने बहुत अच्छे तरीके से मुझसे समय मांगा, इसलिए मैंने उन्हें 10 दिन दे दिए.’
ट्रंप के मुताबिक, ईरान इस फैसले से ‘बहुत खुश’ है. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर तय समय के भीतर कोई समाधान नहीं निकला, तो अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा. दरअसल, इससे पहले ट्रंप ने ईरान को सिर्फ 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोले. बाद में इसे बढ़ाकर 5 दिन किया गया और अब फिर 10 दिन की नई डेडलाइन दे दी गई है.

मोजतबा खामेनेई समलैंगिक हैं- ट्रंप का दावा

इस बीच ट्रंप का एक और बयान चर्चा में आ गया है. उन्होंने दावा किया कि CIA ने उन्हें बताया है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर कुछ निजी जानकारियां हैं. हालांकि ट्रंप ने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं दिया और यह बयान विवाद का कारण बन सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का हमले की तारीख बढ़ाने का फैसला सीधे अटैक के बजाय दबाव की रणनीति का हिस्सा है, ताकि ईरान को बातचीत की टेबल पर लाया जा सके.