ईरान ने नया रक्षा मंत्री चुना, महासंग्राम की कमान जनरल माजिद के हाथ- ‘अमेरिका से कोई बात नहीं’

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अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब और ज्यादा खतरनाक रूप लेता जा रहा है. खाड़ी क्षेत्र के कई शहरों में आज भी ईरान की दनदनाती मिसाइलों का कहर जारी रहा. इराक के एरबिल एयरपोर्ट के पास ड्रोन मार गिराए गए और कुवैत में अमेरिकी दूतावास के ऊपर धुआं उठता देखा गया. साइप्रस में ब्रिटेन के सैन्य बेस पर ड्रोन हमला हुआ. इसी बीच ईरान ने अपने लिए रक्षा मंत्री भी चुन लिया है. अब इस ऑपरेशन की कमान जनरल माजिद इब्न अल रजा को सौंपी गई है, इसके साथ ही इस देश ने ये भी साफ कर दिया है कि वो अमेरिका से कोई बात नहीं करने वाला है.

इजरायल ने लेबनान में भी बड़े हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 31 लोगों की मौत और 149 के घायल होने की खबर है. हिज्बुल्लाह के एक बड़े नेता की हत्या का दावा भी सामने आया है. वहीं ईरान ने अंडरग्राउंड सुरंगों से मिसाइल और ड्रोन दागकर अमेरिकी ठिकानों और इजरायल को निशाना बनाया. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इस ऑपरेशन में अब तक 1000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया जा चुका है और आगे और नुकसान होने की आशंका है.
युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है. UAE ने तेहरान से अपना दूतावास बंद कर दिया, एयर इंडिया ने मिडिल ईस्ट की उड़ानें रोक दीं और तेल की कीमतों में तेज उछाल आया. अमेरिका, जॉर्डन, सऊदी अरब, कतर, बहरीन और यूएई ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान के हमलों की निंदा की. इस बीच खुफिया रिपोर्टों में कहा गया है कि खामेनेई की मौत के बाद भी ईरान में तुरंत शासन परिवर्तन की संभावना कम है और संघर्ष लंबा चल सकता है. लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध के मुहाने पर खड़ा दिखाई दे रहा है.