‘किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा ना हो’, लालू यादव की बेटी का कलेजा छलनी करने वाला पोस्ट

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 पटना के दिल में बसे राबड़ी निवास में जहां कभी लालू प्रसाद यादव की हंसी गूंजती थी, आज उदासी का साया पसर गया था. रोहिणी आचार्य, लालू यादव की सबसे छोटी बेटी हैं, जो 2023 में अपने पिता को किडनी दान कर पूरे देश में ‘वीरांगना’ बन गई थी. वह अपने ही घर में एक अनचाही जंग लड़ रही थी. 15 नवंबर 2025 का वो दिन, जब बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की करारी हार ने लालू परिवार को चूर-चूर कर दिया है. रोहिणी, जो सरण से 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ चुकी थीं, हार के बाद सवाल उठाने की हिम्मत जुटाई, लेकिन बदले में मिला अपमान का घूंट पीना पड़ रहा है.

जानें रोहिणी ने क्या लिखा
रोहिणी ने लिखा कि ‘कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला , एक मां को जलील किया गया , गंदी गालियां दी गयीं , मारने के लिए चप्पल उठाया गया , मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया , सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी .. कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां – बाप बहनों को छोड़ आयी , मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया.. मुझे अनाथ बना दिया गया
रोहिणी का बचपन पटना की गलियों में बीता था. लालू की राजनीतिक उथल-पुथल के बीच वो बड़ी हुईं. शादी के बाद भी परिवार से जुड़ी रहीं. 2019 में सरायहां से चुनाव लड़ी, हारने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. लालू यादव को किडनी दान ने उन्हें हीरोइन बना दिया, लेकिन सियासत में वह पीछे हो गई. बिहार चुनाव में आरजेडी की हार के बाद सवाल उठाना उन्हें महंगा पड़ गया. तेजस्वी यादव के सबसे खास संजय और रमीज पर उंगली उठाई, तो घर ने ठुकरा दिया.