गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित ‘भारत सिटी’ सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों द्वारा 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. अब इस दिल दहला देने वाली घटना में पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आ गई है. एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट को डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील को सौंप दिया गया है. करीब 17 दिनों की गहन तफ्तीश, 14 गवाहों के बयान और 8 पन्नों के सुसाइड नोट के विश्लेषण (गहराई से जांच-पड़ताल) के बाद पुलिस ने उन कारणों की परतें खोली हैं, जिन्होंने तीन मासूमों को मौत के गले लगाने पर मजबूर कर दिया.
कोरियन कल्चर की ‘सांसे रोक देने वाली’ लत
जांच रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, वह है बच्चियों का कोरियन कल्चर के प्रति अत्यधिक लगाव. रिपोर्ट के मुताबिक, 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी इस कदर कोरियाई संस्कृति से प्रभावित थीं कि उन्होंने अपना रहन-सहन और यहां तक कि अपने नाम भी बदल कर कोरियाई रख लिए थे.
जांच रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, वह है बच्चियों का कोरियन कल्चर के प्रति अत्यधिक लगाव. रिपोर्ट के मुताबिक, 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी इस कदर कोरियाई संस्कृति से प्रभावित थीं कि उन्होंने अपना रहन-सहन और यहां तक कि अपने नाम भी बदल कर कोरियाई रख लिए थे.
वे पिछले तीन सालों से स्कूल नहीं जा रही थीं और उनका पूरा समय मोबाइल फोन पर बीतता था. जब पिता चेतन कुमार ने उनकी इस लत को देखते हुए मोबाइल छीना और उन्हें टोकना शुरू किया, तो वे इसे बर्दाश्त नहीं कर पाईं. सुसाइड नोट में उन्होंने साफ लिखा, ‘हमसे कोरियन गेम छुड़वाने की बात की थी, लेकिन ये हमसे न हो पाएगा.’












