जानिए लंदन में रहने वाले इमरान खान के दोनों बेटों के बारे में, जिनसे डरी पाकिस्तान सरकार….

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अगस्त, 2023 से जेल में हैं. उन्हें 5 अगस्त 2023 को तोशाखाना मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद लाहौर से गिरफ्तार किया गया था. तब से वह रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं. उन पर कई आरोप लगे हैं और उन्हें कई मामलों में दोषी ठहराया गया है. इमरान खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का दावा है कि ये सभी मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और उन्हें राजनीति से दूर रखने की साजिश का हिस्सा हैं. वे लगातार अपनी रिहाई की मांग कर रहे हैं और विरोध प्रदर्शनों का आह्वान करते रहे हैं. वर्तमान में भी उन पर कई मामले लंबित हैं.

वहीं, इमरान खान की पहली पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने पाकिस्तान सरकार पर व्यक्तिगत प्रतिशोध लेने का आरोप लगाया है. उनके बेटे सुलेमान इसा खान और कासिम खान वर्तमान में अपने पिता इमरान खान से बात करने और मिलने से पूरी तरह वंचित हैं.  जेमिमा गोल्डस्मिथ ने सरकार की इस नीति की तीखा आलोचना की है. उन्होंने इसे परिवार के प्रति न्याय और लोकतंत्र के अधिकारों का उल्लंघन बताया है. इमरान को जेल में आगामी पांच अगस्त को दो साल पूरे हो जाएंगे. उनके दोनों बेटों ने पिता को न्याय दिलाने के लिए सार्वजनिक रूप से अंतरराष्ट्रीय समर्थन का आग्रह किया है. हालांकि वे अभी तक पाकिस्तान नहीं गए हैं. क्योंकि वहां जाने पर उन्हें गिरफ्तारी की चेतावनी दी गई है. इमरान खान और जेमिमा गोल्डस्मिथ की शादी 1995 में हुई थी और 2004 में उनका तलाक हो गया था. उनके दोनों बेटे अपनी मां जेमिमा के साथ लंदन में रहते हैं.
जेमिमा ने ट्वीट कर बताया कि उनके दोनों बेटों को फोन पर अपने पिता इमरान खान से बात करने की अनुमति नहीं है. उन्होंने कहा है कि अगर बच्चे पाकिस्तान जाकर पिता से मिलने का प्रयास करते हैं, तो सरकार ने उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दी है. जेमिमा ने आरोप लगाया, “एक लोकतांत्रिक देश में यह उचित व्यवहार नहीं है. यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है.” जेमिमा ने कहा कि इसे एक राजनीतिक और मानवधिकारों संबंधी संकट के रूप में देखा जाना चाहिए. जिसमें एक राजनेता को उसके सबसे नजदीकी व्यक्तिगत और पारिवारिक संपर्क से दूर रखा जा रहा है.
सुलेमान और कासिम ने मई 2025 में पहली बार पिता इमरान खान की जेल में स्थिति पर सार्वजनिक रूप से आवाज उठाई थी. दोनों ने इमरान खान को रिहा कराने के लिए पाकिस्तान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव डालने की अपील की थी. उसके बाद से पाकिस्तान सरकार घबराई हुई है. उसे डर है कि इमरान को लेकर कोई आंदोलन न शुरू हो जाए. जेमिमा ने बताया कि उन्होंने सितंबर 2024 से पिता को कोई कॉल नहीं की है. सरकार ने सभी फोन कॉल रोक दिए हैं. परिवार को पहले अदालत ने वॉट्सऐप कॉल करने और मुलाकात की अनुमति दी थी. मगर बाद में उस आदेश को अमल में नहीं लाया गया.
सुलेमान इसा खान (Sulaiman Isa Khan) का जन्म 18 नवंबर 1996 को लंदन में हुआ था. उन्होंने ब्रिटेन में अपनी पढ़ाई पूरी की है. 2016 में उन्होंने अपने मामा जैक गोल्डस्मिथ के लंदन मेयर अभियान में युवाओं की चुनावी गतिविधियों का नेतृत्व किया था. कासिम खान (Qasim Khan) का जन्म 10 अप्रैल 1999 को लंदन में हुआ था. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल से इस्लामिक इतिहास में ग्रेजुएशन किया है. दोनों भाई वर्तमान में राजनीति में प्रवेश नहीं करना चाहते. वे अपने पिता के मौजूदा हालात पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. दोनों अभी अपनी पहचान बनाने के शुरुआती दौर में हैं. 
कासिम खान युवा उद्यमी के रूप में उभर रहे हैं. कासिम खान ने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और फ्रीलांसरों को मार्केटिंग प्लेटफार्म प्रदान करने वाले मीफू मार्केटिंग जैसे स्टार्टअप शुरू किए हैं. उनकी सामाजिक सक्रियता अब धीरे‑धीरे बढ़ रही है. खासकर अपने पिता की रिहाई के लिए सामूहिक आवाज उठाना. सुलेमान इसा खान की दिलचस्पी अभिनय और मीडिया के क्षेत्र में है. इसके अलावा उनका करियर अभी सक्रिय रूप से सामने नहीं आया है. लेकिन सार्वजनिक परिप्रेक्ष्य में मीडिया और राजनीति में उनकी रुचि है. दोनों भाई क्रिकेट प्रेमी हैं. जेमिमा द्वारा साझा किए गए क्लिप्स के मुताबिक कासिम अपने पिता की तरह तेज गेंदबाजी करते हैं और सुल़ेमान बल्लेबाजी करते हुए दिखे हैं. 
तोशाखाना मामला: यह मुख्य मामला था जिसमें उन्हें पहली बार दोषी ठहराया गया थाॉ. आरोप था कि उन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए विदेशी दौरों पर मिले सरकारी उपहारों का दुरुपयोग किया, उन्हें अवैध रूप से खरीदा और बेचा. इस मामले में उन्हें अगस्त 2023 में तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. हालांकि, अप्रैल 2024 में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इस तीन साल की सजा को निलंबित कर दिया था.

अल-कादिर ट्रस्ट मामला: यह एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला है. इसमें इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान एक रियल एस्टेट व्यवसायी से अवैध लाभ के बदले में जमीन उपहार में ली. राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) ने दिसंबर 2023 में उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ मामला दायर किया था. जनवरी 2025 में, उन्हें और उनकी पत्नी को इस मामले में 14 साल जेल की सजा सुनाई गई.
साइफर मामला: इस मामले में उन पर गोपनीय सरकारी दस्तावेज (एक राजनयिक केबल) लीक करने का आरोप है. जनवरी 2024 में उन्हें और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को इस मामले में 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी. लेकिन जून 2024 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया.
गैरकानूनी शादी मामला: यह मामला इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की शादी से जुड़ा है. जिसमें उन पर इस्लामी विवाह कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था. फरवरी 2024 में, उन्हें और उनकी पत्नी को इस मामले में 7 साल जेल की सजा सुनाई गई थी. जिसे बाद में जुलाई 2024 में रद्द कर दिया गया.
9 मई की हिंसा: मई 2023 में उनकी पहली गिरफ्तारी के बाद हुई देशव्यापी हिंसा और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों से जुड़े कई मामलों में भी इमरान खान पर आरोप लगाए गए हैं…