ट्रंप क्यों नहीं दबा पा रहे ट्रिगर? ईरान ने भी कर ली है तैयारी, अटैक हुआ तो मिडिल ईस्ट से यूरोप तक जलेगा

2
मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बदल रहे हैं. एक तरफ अमेरिका ने अपने सैनिक और मिसाइल डिफेंस सिस्टम क्षेत्र में बढ़ा दिए हैं, तो दूसरी तरफ ईरान ने भी साफ संकेत दे दिया है कि अगर हमला हुआ तो जवाब और बड़ा होगा. अमेरिका के पास भले ही हथियार हों, लेकिन ईरान के पास वह लोग हैं जो उसके लिए लड़ेंगे. दोनों तरफ की तैयारियों ने पूरे इलाके में बेचैनी बढ़ा दी है. न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला करने का आदेश देते हैं, तो ईरान अपने सहयोगी संगठनों के जरिए जवाबी कार्रवाई कर सकता है. ईरान का जवाब सिर्फ मिडिल ईस्ट तक नहीं बल्कि यूरोप तक दिख सकता है.

अमेरिका क्या तैयारी कर रहा है?

ईरान की तरफ से इसी खतरे के डर से पेंटागन ने मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और एयर डिफेंस तैनात किए हैं. मिडिल ईस्ट में पहले से ही 30 से 40 हजार अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं, जिन पर ईरान जवाबी कार्रवाई के दौरान हमला कर सकता है. 2025 में 12 दिनों के युद्ध में भी ईरान ने अपनी मिसाइलों से तगड़ा नुकसान पहुंचाया था. खुफिया एजेंसियां कह रही हैं कि अभी तक कोई ठोस हमला प्लान सामने नहीं आया है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक इंटरसेप्ट में ‘हलचल’ बढ़ी है. इसका मतलब है कि कुछ तो खिचड़ी पक रही है.

ईरान ने क्या किया?

ईरान ने अमेरिकी खतरे को देखते हुए अपने सैन्य ढांचे को हाई अलर्ट पर रख दिया है. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने भरोसेमंद नेता अली लारिजानी को सौंप दी है. लारिजानी न सिर्फ घरेलू विरोध को संभालने में लगे हैं, बल्कि रूस, कतर और ओमान जैसे देशों से संपर्क भी मजबूत कर रहे हैं. अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता भी उनके ही जिम्मे है. ईरान बार-बार कहता रहा है कि वह युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर थोपा गया तो जवाब जरूर देगा.’