ढाका: बांग्लादेश के लिए यूनुस अभिशाप बनकर सत्ता में आए हैं. वो जब से अंतरिम सरकार की कुर्सी पर बैठे हैं, तब से यहां खूनी कट्टरपंथियों को छूट मिल गई है. इस देश में हिंदुओं की हत्याएं हो रही हैं और ये देश पाकिस्तान के आतंकवादी मिशन के डर्टी वर्क का अड्डा बन चुका है. जबसे चुनावों का ऐलान हुआ है, तब से तय हो गया है कि यूनुस कुर्सी खाली कर देंगे लेकिन जाते-जाते वो भारत के साथ दुश्मनी निकालना नहीं भूले हैं. उन्होंने भारत का 960 करोड़ का बड़ा प्रजोक्ट कचरे के डब्बे में डाल दिया है. इस प्रोजेक्ट के लिए खर्च हुए भारत के करोड़ों रुपए पानी में चले गए हैं.
Indian Economic Zone के खिलाफ यूनुस की साजिश
Bangladesh का घटिया तर्क
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो तर्क दिया गया, वो और भी चौंकाने वाला है. चौधरी आशिक महमूद ने दुनिया भर में चल रहे युद्धों का उदाहरण देते हुए कहा, ‘कभी-कभी जंग जीतने के लिए आधुनिक लड़ाकू विमानों की जरूरत नहीं होती, बल्कि गोला-बारूद और टैंक के धुरों जैसे बुनियादी उपकरणों की कमी भारी पड़ जाती है’. बांग्लादेश का मानना है कि उन्हें अब विदेशी कंपनियों के निवेश से ज्यादा जरूरत अपने घर में हथियार और गोला-बारूद बनाने की है.












