बादल फटने से तबाही…प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे सीएम धामी

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 उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना को अभी कुछ ही दिन हुए थे कि चमोली के थराली तहसील में शुक्रवार देर रात बादल फटने की खबर सामने आ गई। क्षेत्र में 90 परिवार प्रभावित हुए हैं। आज मुख्यमंत्री धामी आज जायजा लेंगे। राहत एवं बचाव अभियान चल रहा है।

 

सीएम धामी पहुंचे कुलसारी 

आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने सीएम धामी कुलसारी पहुंचे। उन्होंने हेलीपेड पर प्रशासन की टीम से फीडबैक लिया।

11:12 AM, 24-Aug-2025

थराली के लिए निकले सीएम

आपदाग्रस्त क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों के स्थलीय निरीक्षण के लिए सीएम धामी थराली के लिए निकल गए हैं। वह क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। सीएम ने पोस्ट करते हुए लिखा किआपदा से प्रभावित हमारे भाई-बहनों की समस्याओं का त्वरित समाधान, आवश्यक सहयोग एवं पुनर्वास की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

11:00 AM, 24-Aug-2025

बुनियादी ढांचे को बहाल करने का काम जारी

बादल फटने से हुई भारी तबाही के बाद थराली में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को बहाल करने का काम जारी है।

सीएम आज लेंगे आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा

चमोली में आपदा के बाद हर तरफ तबाही मची है। सीएम धामी आज 12:20 बजे आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेंगे।

Chamoli Cloudburst Live: बादल फटने से तबाही…प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे सीएम धामी

पहले ही आपदा की मार झेल रहे उत्तराखंड में अब चमोली जिले के थराली में बादल फटने से तबाही हुई है। शुक्रवार देर रात थराली और उसके आसपास के 15 किलोमीटर के इलाके में कुदरत ने कहर बरपाया। 40 से अधिक दुकानें और 20 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं जिससे 90 से अधिक परिवारों के 400 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। एक युवती की मौत हुई है और एक बुजुर्ग लापता हैं।

शुक्रवार शाम सात बजे से ही तेज बारिश शुरू हो गई थी। रात करीब 12 बजे पहाड़ से अचानक सैलाब आ गया। मलबे में बड़े-बड़े बोल्डर थे। इस मलबे ने थराली लोअर बाजार, कोटडीप, राड़ीबगड़ और चेपड़ों बाजार को भारी नुकसान पहुंचाया। थराली के एसडीएम पंकज भट्ट का आवास भी मलबे में दब गया। हालांकि तब तक एसडीएम सुरक्षित स्थान पर जा चुके थे।

Chamoli Cloudburst: मलबे में दफन बाजार, पलभर में उजड़ गए थराली में घर…फिर बरपा उत्तराखंड में प्रकृति का कहर

राड़ीबगड़ में कई दोपहिया और चौपहिया वाहन मलबे में दब गए। तेज बारिश को देखते हुए रात में ही बहुत से लोग सतर्क होकर अपने घरों को खाली कर सुरक्षित स्थान पर चले गए थे। शनिवार सुबह से ही प्रशासन, सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और पुलिस की टीमें युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। संगवाड़ा गांव में मकान गिरने से कविता (20) की मलबे में दबकर मौत हो गई। वहीं चेपड़ों गांव से गंगा दत्त जोशी (78) लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है। वहीं 11 लोग घायल हैं जिनमें से छह को हेलिकॉप्टर से हायर सेंटर भेजा गया है। मलबा आने के कारण 18 से अधिक सड़कें बंद हो गईं, जिससे बचाव दल को 6 से 8 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा।