मंदिर, मस्जिद और चर्च में राष्ट्रगान.. बयान ना काबिले बर्दाश्त.. धीरेंद्र शास्त्री पर भड़क गए बरेली के मौलाना

22
रामविलास सक्सेना/बरेली. बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक विवादास्पद बयान पर मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने कड़ा ऐतराज जताया है. विवाद मंदिर, मस्जिद और गिरजाघर में राष्ट्रगान गाने को लेकर शुरू हुआ, जिसे लेकर मौलाना ने धीरेंद्र शास्त्री की आलोचना की है.
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने विभिन्न धार्मिक स्थलों में राष्ट्रगान गाने की बात कही थी. इस पर मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री को अपने बयान पर शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए. उन्होंने इसे बेतुका करार देते हुए कहा कि यह बयान करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है. मौलाना ने सलाह दी कि धीरेंद्र शास्त्री को अपनी बातों पर नियंत्रण रखना चाहिए.
मौलाना ने तर्क दिया कि आजादी के बाद से अब तक किसी भी धार्मिक स्थल में राष्ट्रगान नहीं गया है, और इसे मजहबी मकानों में लागू करना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ चीजें आस्था से जुड़ी होती हैं, और धीरेंद्र शास्त्री को भी अपने मंदिर में कभी राष्ट्रगान नहीं गाया होगा. उनका मानना है कि इस तरह के बयानों पर कोई अमल नहीं होगा.

मौलाना की पहचान

मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी बरेली के जाने-माने मुस्लिम धर्मगुरु हैं, जिनकी क्षेत्र में काफी मान्यता है. उनका यह बयान सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. दूसरी ओर, धीरेंद्र शास्त्री के समर्थक उनके बयान को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा.

 

आगे की स्थिति

इस मामले में दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोग और धार्मिक संगठन इस मुद्दे पर अपनी राय रख रहे हैं. आने वाले दिनों में इस विवाद का क्या रूप लेता है, यह देखना दिलचस्प होगा.