तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बीजेपी चुनाव आयोग की विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के जरिए बिहार की मतदाता सूची से कम से कम 1% मतदाताओं, यानी लगभग 7.9 लाख वोटरों के नाम काटने की साजिश रच रही है. तेजस्वी ने कहा कि यह संख्या 4-5% तक पहुंच सकती है, जो बिहार के चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकती है. उन्होंने इस प्रक्रिया को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार देते हुए आरजेडी कार्यकर्ताओं से हर घर जाकर इस ‘बदनीयती’ का भंडाफोड़ करने का आह्वान किया है.
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चरम पर है. यहां हाल की आपराधिक घटनाओं ने जहां कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. वहीं विपक्षी नेता तेजस्वी यादव और NDA के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी ने माहौल को और गर्म कर दिया है. बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विशेष बातचीत में तेजस्वी पर माफियाओं का सरगना होने का गंभीर आरोप लगाया और बिहार को अपराधमुक्त करने के लिए ‘योगी मॉडल’ की वकालत की है. उधर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में बढ़ते अपराधों को लेकर NDA सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला.
इसके साथ ही चुनाव आयोग की विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर भी बिहार में भारी बवाल मचा है. इस बीच, NDA के सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने SIR की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग से बड़ी मांग की है, जिसे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने समर्थन दिया है.












