बिहार बीजेपी कार्यालय में विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार तय करने के लिए दो दिनों तक मैराथन बैठक हुई. इस बैठक में बीजेपी के सिटिंग विधायकों को लेकर गहन चिंतन हुआ. किन्हें दावेदारी मिलेगी, इसका मामला अब केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा और वही यह तय करेगा कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी से कौन-कौन उम्मीदवार होंगे. कौन से सिटिंग विधायक को टिकट मिलेगा और किस विधायक का टिकट कटेगा, इसका फैसला भी केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा जिसमें चुनाव समिति की रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती है.
भाजपा चुनाव समिति की बैठक
बता दें कि बिहार बीजेपी कार्यालय में चुनाव समिति की बैठक करीब तीन घंटे चली और इस बैठक में चुनाव समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे. बैठक के बाद बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि चुनाव समिति की बैठक लगातार दूसरे दिन चली और सभी सिटिंग सीट पर चर्चा पूरी हो गई. चुनाव समिति के सभी सदस्यों ने अपना सुझाव दिया और सभी का एक ही मत था कि किसी भी परिस्थिति में हमारा उम्मीदवार इतना मजबूत हो कि हम हर सीट भारी मतों से जीतें.
उम्मीदवार निर्धारण पर विमर्श
दिलीप जायसवाल बताया कि गठबंधन दलों से सीट शेयरिंग भी जल्दी हो जाएगा. बाद में और सीट अगर बीजेपी के खाते में आएगी तो उस पर चर्चा करेंगे.भाजपा अध्यक्षन ने यह भी स्पष्ट किया कि किस विधायक का टिकट कटेगा या किसे मिलेगा इसका फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा. बैठक में जो कुछ भी चर्चा हुई उसकी पूरी जानकारी आलाकमान को दे दी जाएगी फिर आगे तय होगा कि उम्मीदवार को लेकर क्या फैसला करना है.
इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा शाहाबाद और मगध को लेकर हुई जहां 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था. लेकिन 2025 में ऐसी परिस्थितियां ना हो इसे देखते हुए बीजेपी अपने एनडीए सहयोगियों के साथ मिलकर पूरी ताकत झोंकेगी और यहां की विधानसभा सीटों पर खास रणनीति बनाई जाएगी. दिलीप जायसवाल ने कहा कि दक्षिण बिहार, शाहबाद और मगध के क्षेत्रों की कौन-कौन सी सीटें बीजेपी के खाते में आएंगी इसका विस्तृत विवरण बताया जाएगा. इस बार दक्षिण बिहार, शाहबाद और मगध एनडीए के लिए प्राथमिकता रहेंगे जहां सोच-समझकर उम्मीदवार दिए जाएंगे.
शाहाबाद-मगध पर खास रणनीति
यहां यह भी बता दें कि शाहबाद और मगध क्षेत्र में एनडीए को पिछले विधानसभा चुनाव में बड़ा झटका लगा था. लोकसभा चुनाव के दौरान भी एनडीए को नुकसान सहना पड़ा था. ऐसे में इस क्षेत्र के सियासी समीकरण को साधने के लिए बीजेपी ने एक बड़ी पहल कर उपेंद्र कुशवाहा और पवन सिंह को एक साथ लाकर बड़ा दांव खेला है और आगे भी मगध और शाहाबाद को साधने के लिए एनडीए खास रणनीति बनाने में जुट गया है.












