बिहार के इन शहरों में भी बनेंगे फाइव स्टार होटल, नीतीश कैबिनेट में 16 एजेंडों पर मुहर

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पटना. सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है. बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 16 एजेंडों को मंजूरी दी गई है, जिनमें सबसे चर्चित फैसला बिहार के बड़े शहरों में फाइव स्टार होटल खोलने का है. पहले से ही पटना में तीन होटल प्रस्तावित हैं, जिनमें पाटलिपुत्र अशोक, बांकीपुर बस स्टैंड और सुल्तान पैलेस शामिल हैं. अब बिहार के राजगीर में भी दो होटल की योजना है. सरकार का मानना है कि इससे पर्यटन और आतिथ्य उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

नीतीश कैबिनेट में पटना के अलावा नालंदा और वैशाली में भी फाइव स्टार होटल खोलने की योजना को हरी झंडी मिल गई है. पर्यटकों के लिए नालंदा जिले के राजगीर में पीपीपी (PPP Model) के माध्यम से दो पांच सितारा होटल और वैशाली में एक पांच सितारा रिसॉर्ट का निर्माण और संचालन को मंजूरी दी गयी है. बता दें, इससे पहले पटना में 3 फाइव स्टार होटल बनाने की पहले से मंजूरी मिल चुकी है. दरअसल बिहार ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र है, लेकिन अभी तक यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के होटल कम हैं. ऐसे में नए होटल बनने से विदेशी पर्यटकों को भी सुविधा होगी.

नीतीश कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय

  • नीतीश कैबिनेट ने बिहार के अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. अब बिहार की परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा के लिए ₹100 शुल्क लगेगा, जबकि मुख्य परीक्षा में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. इस प्रस्ताव पर मोहर लगा दी गई है.
  • गन्ना उद्योग विभाग की नियमावली 2025 को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही, राजकीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को अब ₹30000 मिलेंगे, जो पहले ₹15000 थे.
  • स्वर्गीय उपेंद्रनाथ वर्मा, जो स्वतंत्रता सेनानी थे, उनकी जयंती अब राजकीय समारोह के साथ मनाई जाएगी.
  • स्वास्थ्य विभाग के तहत बिहार स्वास्थ्य कार्यकर्ता नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है.
  • साथ ही, 2026 के लिए बिहार सरकार के कार्यालय में अवकाश एक्ट को भी मंजूरी दे दी गई है.
  • इसके अलावा कैबिनेट बैठक में शिक्षा, सड़क निर्माण और स्वास्थ्य से जुड़े प्रस्तावों पर भी सहमति बनी है. कई जिलों में नई सड़कों के निर्माण और अस्पतालों के उन्नयन की योजना को मंजूरी दी गई है. वहीं, तकनीकी संस्थानों में नए पद सृजित करने का भी फैसला लिया गया है.