बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस में हलचल है. शिकस्त की वजहों की पड़ताल के लिए अब कांग्रेस का टॉप लीडरशिप का महाजुटान होने जा रहा है. 61 सीटों पर लड़ने वाली कांग्रेस को महज छह सीटें नसीब हुई. चुनाव में महागठबंधन 50 का आंकड़ा भी नहीं छू पाई. दूसीर तरफ, दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला के पास कार बम ब्लास्ट मामले में एक्शन का दौर लगातार जारी है. इस मामले में उत्तर प्रदेश के 10 डॉक्टर से हुई पूछताछ. लखनऊ और सहारनपुर के डॉक्टर से एनआईए ने की पूछताछ की है. ये सभी डॉक्टर डॉ. शाहीन, डॉक्टर परवेज और डॉक्टर आदिल के संपर्क में रहे हैं. सूत्रों की मानें तो अभी तक पूछताछ में कुछ खास हासिल नहीं हुआ है. वहीं, एटीएस के अनुरोध पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 100 से अधिक कश्मीरी मूल के नागरिकों की वेरिफिकेशन रिपोर्ट एटीएस को भेज दी है.
अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत ने एक बार फिर चीन को आइना दिखाया है. भारत ने साफ कर दिया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और यह कभी न बदलने वाली सच्चाई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि चीनी सरकार के समक्ष हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और यह एक ऐसा तथ्य है जो स्वयंसिद्ध है. उन्होंने कहा कि चीनी पक्ष द्वारा किसी भी तरह का इनकार इस निर्विवाद वास्तविकता को बदलने वाला नहीं है. साथ ही हमने नई दिल्ली और बीजिंग में चीनी सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया है. हमने साफ कर दिया है कि इस तरह के विवाद दोनों देशों के रिश्तों के लिए अच्छे नहीं हैं. अरुणाचल को लेकर ताजा घटनाक्रम तब सामने आया है, जब पूर्वोत्तर के इस राज्य की रहने वाली पेमा वांग थोंगडोक नाम की महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर चीनी अधिकारियों की तानाशाही का खुलासा किया.
महाराष्ट्र में चुनाव आयोग का बड़ा खुलासा
महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (SEC) के अनुसार, मुंबई के 1.03 करोड़ वोटरों में से करीब 10.64% यानी 11 लाख से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट में दोहराए गए हैं. डेटा के मुताबिक, जिन वार्डों में सबसे ज्यादा डुप्लीकेट वोटर मिले हैं, वे ज्यादातर वे क्षेत्र हैं जिन्हें पहले विपक्षी दलों के निगम पार्षद प्रतिनिधित्व करते थे. SEC ने आपत्तियां दर्ज कराने की आखिरी तारीख 27 नवंबर से बढ़ाकर 3 दिसंबर कर दी. अंतिम वोटर लिस्ट 10 दिसंबर को जारी की जाएगी. जांच में सामने आया कि पिछले हफ्ते जारी ड्राफ्ट लिस्ट में 4.33 लाख वोटरों के नाम एक से ज्यादा बार दर्ज हैं, जिनमें कुछ नाम तो 2 बार से लेकर 103 बार तक दोहराए गए हैं. इससे कुल डुप्लीकेट एंट्रियों की संख्या बढ़कर 11,01,505 हो गई है. SEC ने नामों के दोहराव की वजह प्रिंटिंग में गड़बड़ी, लोगों का दूसरे स्थान पर शिफ्ट होना और मृतकों के नाम हटाने में लापरवाही को बताया है. अब बूथ स्तर के कर्मचारी घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएंगे और सही जानकारी की पुष्टि करेंगे ताकि हर वोटर का नाम सिर्फ एक बार ही रहे.












