इजरायल पर फिर मिसाइलों की बारिश, बजने लगे सायरन, ईरान का सीजफायर से इनकार

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है. युद्ध को 22 दिन हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं होगा और सैन्य अभियान जारी रहेगा. व्हाइट हाउस के बाहर ट्रंप ने कहा, ‘जब आप दूसरे पक्ष को पूरी तरह खत्म कर रहे हों, तब सीजफायर नहीं किया जाता.’ ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिका और इजराइल इस युद्ध में एक ही लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘हम दोनों को जीत चाहिए और हम उसी दिशा में बढ़ रहे हैं.’ इससे साफ संकेत मिलते हैं कि यह संघर्ष अब जल्दी थमने वाला नहीं है.

इस बीच सबसे बड़ा संकट होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर खड़ा हो गया है. यह रास्ता दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई का मुख्य जरिया है. मौजूदा संघर्ष के कारण यहां से तेल की आवाजाही लगभग रुक गई है, जिससे कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने इसे वैश्विक तेल बाजार का सबसे बड़ा झटका बताया है. ट्रंप ने इस जलडमरूमध्य को खोलने के लिए चीन और जापान जैसे देशों से आगे आने की अपील की. उन्होंने यहां तक कहा कि अमेरिका खुद इस रास्ते पर उतना निर्भर नहीं है, इसलिए जिम्मेदारी उन देशों की ज्यादा है जो यहां से तेल लेते हैं.

ईरान को अमेरिका ने दी राहत

हालांकि एक तरफ युद्ध जारी है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने ईरान को टैंकरों में फंसे करीब 140 मिलियन बैरल तेल बेचने की अस्थायी अनुमति भी दी है. माना जा रहा है कि यह फैसला तेल की कीमतों को काबू में रखने के लिए लिया गया है, क्योंकि वैश्विक बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. वहीं ईरान ने दावा किया है कि उसने बगदाद में अमेरिकी दूतावास के लॉजिस्टिक बेस को तीन बार निशाना बनाया. इसके बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत इराक छोड़ने की चेतावनी जारी की है.