निदरलैंड्स में भारत की धमक और कूटनीतिक रिश्तों की गूंज दिख रही है. इसी क्रम में पीएम भारतीय समुदाय से मुलाकात के बाद राजशाही परिवार से मिलने पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड के शाही राजा-रानी राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा की मुलाकात हुई. इस शाही मुलाकात का जो वीडियो सामने आया है. उसमें पीएम मोदी और डच राजा-रानी के बीच की शानदार केमिस्ट्री और आपसी सम्मान को साफ तौर पर देखा जा सकता है. यह बैठक केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं है, बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. गौरतलब है कि भारत और नीदरलैंड दुनिया भर में बड़े वैश्विक प्रोजेक्ट्स को हासिल करने और एक पारदर्शी व भरोसेमंद ‘सप्लाई चेन’ के निर्माण के लिए रणनीतिक तौर पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने इस दौरान भारत की विश्व को देन और भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए आगे कहा, यहां बैठे अनेक परिवारों की कहानी प्रवासन की कहानी नहीं, यह सांस्कृतिक आस्था के बीच तमाम संघर्षों के बीच प्रगति की कहानी है. उस दौर में तब किसी ने सोचा नहीं था कि दो महासागर पार करने के बाद भी भारतीयों की पहचान इतनी जीवंत रहेगी. आपके पूर्वज बहुत कुछ पीछे छोड़ गए, लेकिन कुछ चीजें उनके साथ रहीं, अपनी मिट्टी की खशबू, त्योहार की संस्कृति, भजन की धुनें और पूर्वजों के संस्कार. समय के साथ अनेक संस्कृतियां मिट गईं लेकिन भार की विविध संस्कृति अपने लोगों के दिलों में धड़कता है.
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के बाद भारत-यूरोप आर्थिक संबंधों को नई गति मिली है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दौरा सेमीकंडक्टर, जल प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा और निवेश जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा. एम्स्टर्डम पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत-ईयू एफटीए ने व्यापार और निवेश संबंधों को महत्वपूर्ण बढ़ावा दिया है. उन्होंने कहा कि नीदरलैंड के साथ सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और नीदरलैंड के राजा विलेम अलेक्जेंडर तथा महारानी मैक्सिमा से भी मुलाकात करेंगे. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए एम्स्टर्डम एयरपोर्ट पर डच सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इनमें नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसेन, एडजुटेंट जनरल और चीफ ऑफ मिलिट्री हाउसहोल्ड रियर एडमिरल लुडगर ब्रुमेलार तथा नीदरलैंड में भारत के राजदूत कुमार तुहिन शामिल थे.
हेग में भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए स्वागत किया. प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया. इस दौरान कलाकारों ने गरबा और शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया. नीदरलैंड प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा का दूसरा चरण है. इससे पहले वह संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे थे, जहां उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, निवेश और भारत-यूएई साझेदारी को लेकर अहम चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई को भारत का दूसरा घर बताते हुए गर्मजोशी से किए गए स्वागत के लिए आभार जताया.
पीएम मोदी की यात्रा इसलिए अहम
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यूएई के समर्थन में भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई. उन्होंने कहा कि यूएई पर हुए हमलों की भारत कड़ी निंदा करता है और नई दिल्ली हर परिस्थिति में अबू धाबी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. प्रधानमंत्री ने कठिन परिस्थितियों में भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए यूएई सरकार और शाही परिवार की सराहना भी की. प्रधानमंत्री मोदी की यह विदेश यात्रा भारत के वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है. खासकर यूरोप के साथ व्यापार, तकनीक और हरित ऊर्जा सहयोग को लेकर भारत की सक्रिय कूटनीति पर दुनिया की नजर बनी हुई है.












