ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच ईरान ने संकेत दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट अब उसके नियंत्रण में एक रणनीतिक हथियार बन चुका है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 15 जहाजों को उसकी अनुमति के बाद स्ट्रेट से गुजरने दिया गया. यह कदम ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बना रहा है कि वह इस अहम समुद्री रास्ते को पूरी तरह खोल दे. ईरान ने हालांकि साफ कर दिया है कि यह रास्ता अब पहले जैसा ‘नॉर्मल’ नहीं रहेगा, खासकर अमेरिका और इजरायल के लिए. इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि भारत के चार और जहाज जल्द होर्मुज क्रॉस करने वाले हैं. इससे देश में गैस का संकट कुछ हद तक दूर होगा. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का लेटेस्ट बयान आया है. इसमें वे कह रहे हैं कि ईरानी कुशल लड़ाके हैं, वे बेहद साहसी लोग हैं…
डोनाल्ड ट्रंप ने दी धमकी
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. ABC न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ‘पूरा देश तबाह कर सकता है.’ उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पावर प्लांट और ब्रिज जैसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा सकता है. ट्रंप ने पहले दी गई समयसीमा को बढ़ाते हुए मंगलवार शाम तक का नया अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के पास ‘डील करने के लिए पर्याप्त समय’ है, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो नतीजे गंभीर होंगे.
ईरान ने उड़ाया ट्रंप का मजाक
ईरान ने इन धमकियों को खारिज करते हुए पलटवार की चेतावनी दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने कहा कि अगर ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला होता है, तो जवाब उसी स्तर पर दिया जाएगा. दिलचस्प बात यह है कि ईरान ने कूटनीतिक स्तर पर भी अमेरिका को घेरने की कोशिश की है. कई देशों में स्थित ईरानी दूतावासों ने ट्रंप के बयानों का मजाक उड़ाते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी, जिससे दोनों देशों के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए बेहद अहम है, क्योंकि वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. ऐसे में ईरान द्वारा ‘चुनिंदा जहाजों’ को अनुमति देना इस बात का संकेत है कि वह इस रूट को दबाव बनाने के औजार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.
April 6, 202622:07 IST












