एशिया कप जीत जाता पाकिस्तान…पर एक चूक से सपना हुआ चकनाचूर, गंभीर की चाल ने किया कमाल!

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एशिया कप बेहद रोमांचक रहा. जैसा आगाज हुआ, उससे भी बेहतर अंजाम. हर गेंद पर रोमांच था. फाइनल एकदम फाइनल जैसा ही था. नेल बाइटिंग मुकाबला. कभी भारत का पलड़ा भारी तो कभी पाकिस्तान का. अंत-अंत तक दोनों खे में खलबली मची रही. आखिर ओवर में ही जाकर एशिया कप का फाइनलिस्ट मिला. जी हां, रविवार को एशिया कप के फाइनल मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को हरा दिया. पाकिस्तान ने भी अंत-अंत तक हार नहीं मानी. मगर टीम इंडिया के जांबाजों के सामने उसे घुटने टेकने ही पड़ गए. मिडल ऑर्डर की कमान संभालने वाले तिलक वर्मा ने अंत तक डट कर पाकिस्तान के जबड़े से जीत छीन ली. एक वक्त तो ऐसा लगा था जैसे पाकिस्तान एशिया कप फाइनल जीत जाएगा. मगर उसकी एक भूल ने उसके अरमानों पर पानी फेर दिया. कोच गौतम गंभीर और सूर्या ने ऐसा दिमाग लगाया कि पाकिस्तान पस्त हो गया.

दरअसल, इसमें कोई दोराय नहीं कि फाइनल का मुकाबला रोमांचक रहा. भारत के साथ-साथ पाकिस्तान ने भी अच्छा खेल दिखाया. पाकिस्तान एक नहीं, बल्कि कई बार एशिया कप फाइनल जीतती दिखी. पहली बार तब जब भारतीय टीम गेंदबाजी कर रही थी और पाकिस्तान बल्लेबाजी. शुरुआती 10 ओवर में जिस तरह से पाकिस्तान के फरहान साहिबजादे और फखर जमान ने भारतीय गेंदबाजों की कुटाई की, उससे तो भारतीय क्रिकेट फैंस डर गए थे. उस वक्त ऐसा लगा कि जैसे पाकिस्तान कहीं 200 रन न बना ले. मगर गौतम गंभीर के चहेते वरुण चक्रवर्ती ने पहला ब्रेकथ्रू दिलाया. वरुण ने साहिबजादे को पवेलियन भेज, भारत की जीत की राह आसान कर दी. लेकिन सबसे बड़ी चूक जो पाकिस्तान से हुई, वह टारगेट को समझने में हुई.
दरअसल, पाकिस्तान टीम का पूरा टारगेट अभिषेक शर्मा पर था. अभिषेक शर्मा को आउट करना ही पाकिस्तान का असल मकसद था. उसने सोचा कि अभिषेक अभी सबसे अधिक फॉर्म में है. एशिया कप में सबसे अधिक रन भी अभिषेश शर्मा ने ही बनाए हैं. एशिया कप में भारत के रनों में अभिषेक शर्मा का योगदान करीब 38 फीसदी रहा. फाइनल से पहले भारत ने जितने मैच जीते, सबमें अभिषेक का ही बल्ला चला. इसलिए पाकिस्तानी बॉलरों का पूरा फोकस अभिषेक पर ही था. इसमें पाकिस्तान की टीम कामयाब भी हो गई. मगर उन्हें पता नहीं था कि शर्मा जी अगर फेल होंगे तो भारत के वर्मा जी कमाल करेंगे. ठीक वही हुआ. टीम इंडिया की शुरुआत बहुत खराब रही. अभिषेक 4 रन बनाकर ही ढेर हो गए. गिल और सूर्यकुमार यादव भी बहुत कुछ नहीं कर पाए. अब सारा दारोमदार तिलक वर्मा पर था. तिलक पर फोकस करने में ही पाकिस्तान चूक गया.
कैसे गंभीर की चाल ने किया कमाल
पाकिस्तान ने जो रणनीति बनाई थी वह अभिषेक शर्मा के लिए थी. मगर तिलक के लिए उसकी रणनीति दिखी ही नहीं. यहीं पर पाकिस्तान हार गया. अगर पाकिस्तान तिलक वर्मा का विकेट ले लेता तो नतीजे कुछ और होते. आज एशिया कप 2025 की ट्रॉफी पाकिस्तान के हाथ में होती. तिलक वर्मा को लेकर गंभीर और सूर्या की एक चतुराई और थी. गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव ने इस बार बहुत ज्यादा कुछ प्रयोग नहीं किया. इससे पहले के मैचों में बैटिंग ऑर्डर में खूब प्रयोग हुए. मगर फाइनल में तिलक को उसी जगह पर रखा गया, जिस ऑर्डर पर वह बेस्ट हैं. सूर्यकुमार यादव के आउट होने के बाद तिलक को उतारना भारतीय कोच की सबसे बड़ी चाल थी. यही चाल काम कर गई और तिलक वर्मा ने अंत तक रहकर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी.