ऑपरेशन सिंदूर अभी चालू है…इधर लद्दाख में आकाश का अपग्रेड वर्जन तैनात, उधर अग्नि-1 और पृथ्वी-2 मिसाइल के सर्विस चेक का क्या मतलब?

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लद्दाख में तैनात किया गया एयर डिफेंस सिस्टम ‘आकाश’ अब अपग्रेड वर्जन में है, जिसकी रेंज 25-30 किमी तक बढ़ाई गई है और इसमें सटीकता और रिएक्शन टाइम बेहतर किया गया है. यह इंडियन एयरफोर्स और आर्मी दोनों के लिए महत्वपूर्ण है. खासकर जब चीनी सेना ने भी एलएसी के पास एयरस्ट्रिप्स और रडार एक्टिव कर रखे हैं. एक्‍सपर्ट की मानें तो यह तैनाती एक रक्षात्मक कदम के साथ-साथ एक रणनीतिक चेतावनी भी है. यह चीन को स्पष्ट संदेश है कि भारत अपनी सीमाओं की निगरानी और सुरक्षा को हल्के में नहीं लेता. बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्‍वदेशी एयर डिफेंस सिस्‍टम आकाश ने अपनी ताकत से दुनिया को चकित कर दिया था. भारत ने अब इसके अपग्रेडेड वर्जन आकाश प्राइम की सफल टेस्टिंग की है. साथ ही इसे लद्दाख में तैनात कर चीन-पाकिस्‍तान को बिना कुछ कहे चेतावनी भी दे डाली है.

अग्नि-1 और पृथ्‍वी-2 मिसाइल

भारत ने गुरुवार 17 जुलाई 2025 को ओडिशा तट के पास इंटीग्रेटेड टेस्‍ट रेंज से छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों पृथ्वी-II और अग्नि-I का सफलतापूर्वक परीक्षण किया, जिससे इसकी रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन हुआ. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, विशिष्ट स्‍ट्रैटजिक फोर्सेज कमांड की ओर से आयोजित मिसाइलों के परीक्षण-फायरिंग ने सभी ऑपरेशनल और तकनीकी मापदंडों को पूरा किया. दिलचस्‍प बात यह है कि मिसाइलों का परीक्षण भारत और पाकिस्तान के बीच 7-10 मई के सैन्य संघर्ष के दो महीने बाद हुआ है. पृथ्वी-II मिसाइल की रेंज लगभग 350 किमी है और यह 500 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है. वहीं, अग्नि-I मिसाइल की मारक क्षमता 700-900 किलोमीटर है और यह 1,000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकती है.

आकाश प्राइम डिफेंस सिस्‍टम को भारतीय सेना के लिए डेवलप किया गया है. लद्दाख में इस मिसाइल का परीक्षण इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास है. रक्षा मंत्रालय ने एक अलग बयान में कहा, ‘भारत ने 16 जुलाई को भारतीय सेना के लिए आकाश हथियार प्रणाली के अपग्रेडेड वर्जन आकाश प्राइम द्वारा लद्दाख में हाई-एल्‍टीट्यूड पर स्थित दो हवाई उच्च गति मानवरहित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की.’ इसमें कहा गया है कि यह वेपन सिस्‍टम 4,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर ऑपरेट करने में सक्षम है. इसमें स्वदेशी रूप से विकसित रेडियो फ्रीक्वेंसी सीकर भी शामिल है. बता दें कि बदले हुए सामरिक हालात में एयर डिफेंस सिस्‍टम का होना काफी जरूरी है, ताकि दुश्‍मनों के अटैक को हवा में ही फुस्‍स कर दिया जाए. आकाश प्राइम सिस्‍टम उस दिशा में बड़ा कदम है.