कहां होता था पैसों का बंटवारा, कैसे रचा जाता था सारा खेल? अविनाश शुक्ला ने खोल दिया मुंह

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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT रिपोर्ट आने के बाद राम जन्मभूमि में कार्यभार संभालने वाले ट्रस्ट के कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस रिमांड में उनसे पूछताछ जारी है. पुलिस पूछताछ में अब धीरे-धीरे चंदा चोरी की सारी परतें खुलती जा रही हैं. वहीं अब ट्रस्ट के सदस्य और आरोपी अविनाश शुक्ला ने बड़ा खुलासा किया है और पुलिस को बड़ी जानकारी दी है. अविनाश ने बताया कि पैसों का हेरफेर कहां होता था और फिर कैसे बंटवारा होता था. उसने बताया कि 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के निकट पैसों का बंदरबांट होता था.

मास्टरमाइंड अविनाश शुक्ला ने पुलिस को वह जगह दिखाई, जिस स्थल पर पैसों का बंटवारा होता था. इसके अलावा अविनाश शुक्ला ने पुलिस को बताया कि यहां कुछ कीमती वस्तुएं छिपाकर भी रखी गई हैं, जिसके बाद पुलिस ने यहां जांच शुरू की. जांच में पुलिस को कीमती वस्तुएं रिकवर हुई हैं, जिसके बाद चंदा चोरी के इस केस ने एक नया मोड़ ले लिया है.
आरोपियों ने दिया कबुलनामा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना कबुलनामा दे दिया है. सभी 8 आरोपी 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के पास आते थे. वहीं अविनाश शुक्ला की ब्रेजा कार भी पुलिस के पास मौजूद है, जिसमें चंदा चोरी के तमाम साक्ष्य मौजूद हैं. पुलिस ने अविनाश शुक्ला के द्वारा बताई जगह से सभी साक्ष्य इकट्ठा कर लिए हैं और अब इन साक्ष्यों के आधार पर केस को आगे बढ़ाया जाएगा.
पानी बेचता था आरोपी अविनाश शुक्ला
बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच में अविनाश शुक्ला का भी नाम शामिल था. पड़ताल में पता चला कि अविनाश पहले प्रतापगढ़ में पानी बेचता था, लेकिन काम के सिलसिले में वो अयोध्या आया और यहां उसे श्रीराम मंदिर जन्मभूमि मंदिर में दान राशि के गणना केंद्र में नौकरी मिल गई. पुलिस ने जब उसके घर की तलाशी ली, तो 20.39 लाख रुपये और 1,121 अमेरिकी डॉलर मिले.