भारत पर टैरिफ वार करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके मुल्क के करीबी ने कड़ा संदेश दिया है. नाटो के सदस्य देश फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्स स्टब ने चेतावनी दी है कि अगर यूरोप और अमेरिका ग्लोबल साउथ और भारत के प्रति सहयोगात्मक विदेश नीति नहीं अपनाते हैं तो पश्चिमी देश वैश्विक प्रभाव खो देंगे. स्टब का यह बयान चीन में हाल ही में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के संदर्भ में आया है. फिनलैंड को अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता है. उसने डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट की नीति पर सवाल उठाए हैं. इसमें भारत जैसे उभरते बाजारों के साथ संबंधों को लेकर चिंता जताई गई है.
राष्ट्रपति स्टब ने मंगलवार को राजधानी हेलसिंकी में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान कहा- फिनलैंड के राष्ट्रपति की ओर से ट्रंप के लिए संदेश है. अगर यूरोप और अमेरिका ग्लोबल साउथ और भारत के प्रति अधिक सहयोगात्मक विदेश नीति नहीं अपनाते हैं, तो हम हार जाएंगे. स्टब ने जोर देकर कहा कि SCO की हालिया बैठक ने साबित कर दिया है कि चीन और रूस जैसे देश विकासशील दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं. भारत, पाकिस्तान, ईरान और मध्य एशियाई देशों की सदस्यता वाले SCO की बीजिंग में हुई बैठक में आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय व्यापार पर फोकस किया गया. ये पश्चिमी देशों के लिए चुनौती है. स्टब ने आगे कहा कि चीन में SCO की बैठक पश्चिम को याद दिलाती है कि पश्चिम का नेतृत्व और आर्थिक प्रभुत्व पर खतरा है. भारत जैसे देशों को नजरअंदाज करना घातक होगा.
फिनलैंड का नाटो में शामिल होना
2023 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद फिनलैंड नाटो का सदस्य बना है. इससे बाल्टिक क्षेत्र में पश्चिमी गठबंधन मजबूत हुआ. लेकिन स्टब का संदेश ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की विदेश नीति पर एक गंभीर सवाल है. ट्रंप ने यूरोप को NATO के लिए अधिक खर्च करने की चेतावनी दी है और ग्लोबल साउथ के साथ संबंधों को द्विपक्षीय सौदों पर आधारित रखने की बात कही है. स्टब ने भारत का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि नई दिल्ली ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व करती है और एससीओ जैसे मंचों में सक्रिय है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भारत के साथ सहयोग न बढ़ाकर हम चीन के प्रभाव को बढ़ावा देंगे.
उन्होंने ट्रंप से अपील की कि अमेरिका को क्वाड (अमेरिका, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया) जैसे गठबंधनों को मजबूत करना चाहिए, न कि केवल सैन्य तैनाती पर फोकस करना चाहिए. यह बयान ट्रंप प्रशासन को असहज करने वाला है, क्योंकि फिनलैंड अमेरिका का रणनीतिक साझेदार है. ट्रंप ने हाल ही में कैलिफोर्निया में सैन्य तैनाती और टैरिफ नीतियों पर अदालती झटके झेले हैं, जो उनकी घरेलू और विदेशी नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि स्टब का संदेश यूरोपीय संघ के अन्य नेताओं की भावनाओं को उजागर करता है.












