‘पाकिस्तान में होगी बात’, ईरानी राजदूत ने ट्वीट किया, फिर हुआ डिलीट, बढ़ा सस्पेंस

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अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर का दावा भले ही किया जा रहा हो, लेकिन जमीन पर हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं. ईरान ने बुधवार को दुनिया की सबसे अहम तेल सप्लाई लाइन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोक दी. इसके साथ ही ईरान ने साफ चेतावनी दी कि अगर लेबनान पर इजराइल के हमले नहीं रुके तो वह अमेरिका के साथ हुए सीजफायर से बाहर निकल सकता है. ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है. रॉयटर्स के मुताबिक कई जहाज बीच रास्ते में फंस गए हैं और ईरानी नौसेना ने उन्हें साफ संदेश दिया है कि जलमार्ग अभी भी बंद है.

लेबनान पर इजरायल ने किया हमला

यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर लागू हुआ है. इसके बावजूद इजरायल ने लेबनान पर भयानक हमला किया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को अस्थायी तौर पर रोकने का फैसला लिया था. लेकिन इजराइल ने पहले ही साफ कर दिया था कि यह समझौता लेबनान पर लागू नहीं होगा क्योंकि वहां हिजबुल्लाह सक्रिय है. व्हाइट हाउस ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है. प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है. लेबनान के एयरपोर्ट के पास बम गिरे हैं.
ईरान के अंदर से अब बेहद आक्रामक बयान सामने आ रहे हैं. एक सूत्र ने कहा कि अगर अमेरिका अपने ‘बेकाबू साथी’ को नहीं रोक पाया तो ईरान खुद कार्रवाई करेगा. यह सीधी चेतावनी इजराइल के लिए मानी जा रही है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी कहा है कि लेबनान में हुए हमलों का बदला लिया जाएगा और इजराइल को इसकी सजा मिलेगी. अल जजीरा के मुताबिक ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सीजफायर पूरे क्षेत्र के लिए था और इजराइल बार-बार अपने वादे तोड़ता है.

होर्मुज फिर बंद हो गया

मरीन ट्रैफिक के डेटा के अनुसार फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट से कोई भी जहाज नहीं गुजर रहा है. ईरान का दावा है कि जैसे ही इजराइल ने लेबनान पर बड़ा हमला किया, तुरंत सभी जहाजों की आवाजाही रोक दी गई. यहां तक कि एक जहाज ने आखिरी समय में अपना रास्ता बदल लिया और वापस लौट गया. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज लंबे समय तक बंद रहा तो दुनिया भर में तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा.