समस्तीपुर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली जनसभा में ओबीसी कार्ड खेल दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समस्तीपुर की पहली जनसभा में अपने भाषण की शुरुआत में ही खुद को और सीएम नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर को पिछड़ा कहकर संबोधित किया.
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे कर्पूरी ग्राम में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर को नमन करने का मौका मिला. ये उनका ही आशीर्वाद है आज मेरे जैसे और नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर जैसे पिछड़े और गरीब परिवारों से निकले लोग मंच पर खड़े हैं. आजाद भारत में सामाजिक न्याय लाने में गरीबों और वंचितों को नये अवसरों से जोड़ने में जननायक कर्पूरी ठाकुर की भूमिका बहुत बड़ी रही है. वो मां भारती के अनमोल रत्न थे. उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य हमारी सरकार को मिला. ये हमारे लिए सम्मान की बात है. हमारी सरकार भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर को प्रेरणापुंज मानती है. वंचितों का वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता, गरीबों की सेवा हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़े हैं.
पीएम ने आगे कहा कि गरीब को पक्का घर देना ये गरीब की सेवा है कि नहीं है. गरीब को मुफ्त में अनाज देना गरीब की सेवा है या नहीं. मुफ्त इलाज, शौचालय, नल से जल, सम्मान का जीवन जीने के लिए हर सुविधा एनडीए सरकार दे रही है. सामाजिक न्याय के दिखाए कर्पूरी बाबू के दिखाए रास्ते को बीजेपी एनडीए ने सुशासन का आधार बनाया है. हमने गरीबों, दलितों, महादलितों, पिछड़ो और अतिपिछड़ों के हितों को प्राथमिकता दी है. ये हमारी सरकार ही है जिसने सामान्य वर्ग के गरीबों को भी 10 फीसदी आरक्षण देने का निर्णय लिया.
ओबीसी कमिशन को संवैधानिक संस्था बनाने की मांग कई दशकों से हो रही थी, ये मांग भी एनडीए सरकार ने ही पूरी की. कर्पूरी बाबू मातृभाषा में पढ़ाई के बहुत बड़े हिमायती थे. एनडीए सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर बल दिया है. अब गरीब वंचित का बेटा भी अपनी भाषा में पढ़ाई कर सकता है और परीक्षा दे सकता है. दूसरी तरफ आरजेडी और कांग्रेस वाले क्या कह रहे हैं और क्या कर रहे हैं ये हमसे ज्यादा आप लोगों को पता है.












