बिहार में नई सरकार का काउंटडाउन, पहले CM नीतीश का इस्तीफा फिर सरकार बनाने का दावा, मंत्रिपरिषद का फॉर्मूला फाइनल!

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बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. दिल्ली में भी शनिवार (15 नवंबर) की देर रात बैठकों का दौर चला. गृहमंत्री अमित शाह से जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा मिले. इसके बाद जदयू नेता केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भी मुलाकात की. इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और प्रभारी विनोद तावडे भी मौजूद रहे. इस बीच खबर है कि जेडीयू और बीजेपी के शीर्ष नेताओं की जल्दी ही बैठक हो सकती है. वहीं, इस बीच खबर है कि बिहार में मंत्रिपरिषद का संभावित फार्मूला तैयार कर लिया गया है और इसी कड़ी में जदयू-बीजेपी के शीर्ष नेताओं की जल्द बैठक तय मानी जा रही है.

दिल्ली में चली मैराथन मीटिंग

दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर शनिवार रात जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पहुंचे. इसके बाद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी शामिल हुए. बैठक में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और सह-प्रभारी विनोद तावड़े मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार और पोर्टफोलियो बंटवारे पर विस्तृत चर्चा हुई. जानकारी के अनुसार, जदयू और बीजेपी के बीच 6 विधायकों पर एक मंत्री का पुराना फॉर्मूला फिर अपनाया जा सकता है.

मंत्रिमंडल का संभावित फॉर्मूला तैयार

नई कैबिनेट में बीजेपी से 15-16, जदयू से 14-15 मंत्री बनाए जा सकते हैं. चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) को 3, आरएलएम और हम को एक-एक सीट मिल सकती है. 6 विधायक पर एक मंत्री बनाने का फॉर्मूला बताया जा रहा है. बता दें कि पिछली सरकार में भी यही फॉर्मूला लागू था. यहां यह भी बता दें कि विधानसभा की कुल संख्या के 15% के हिसाब से मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं. चर्चा है कि कि इस बार अपेक्षाकृत युवा चेहरों को मौका मिल सकता है.

शपथ ग्रहण की तारीख पर सस्पेंस बरकरार

बताया जा रहा है कि सोमवार 17 नवंबर को नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक होगी और सूत्र बता रहे हैं कि इसके बाद नीतीश कुमार राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे. जानकारी यह भी आ रही है कि एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार सरकार बनाने का दावा करेंगे. वहीं, इस बार पटना में गांधी मैदान को शपथ स्थल के रूप में तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है. एनडीए की भव्य जीत के बाद यह समारोह भव्य होगा.