मोहम्मस यूनुस के जाते ही पटरी पर लौटने लगे रिश्ते, भारत ने पूरी कर दी बांग्लादेश की डिमांड, बॉर्डर पर बड़ा एक्शन

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भारत और बांग्लादेश के बीच के रिश्तें एक बार फिर मजबूत होते नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बांग्लादेशी युवक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में अहम कार्रवाई करते हुए एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी बांग्लादेश की जांच एजेंसियों के लिए बड़ी मदद मानी जा रही है और इससे दोनों देशों के बीच भरोसे की बहाली के संकेत भी मिल रहे हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया कि गिरफ्तार आरोपी फिलिप संगमा को नदिया जिले से खुफिया जानकारी के आधार पर पकड़ा गया. जांच में सामने आया है कि संगमा सी मा पार कराने वाला दलाल (बॉर्डर टाउट) था और उसने 12 दिसंबर को ढाका में हुए हत्या कांड के बाद मुख्य आरोपियों फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन को अवैध तरीके से भारत में दाखिल होने में मदद की थी. इन दोनों आरोपियों को 8 मार्च को बांग्लादेश सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के बोंगांव इलाके से गिरफ्तार किया गया था.

उस्मान हादी हत्याकांड में संगमा का क्या रोल?

जांच एजेंसियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि संगमा ने उन्हें बांग्लादेश के हलुआघाट से मेघालय के डालूपाड़ा सीमा मार्ग के जरिए भारत में प्रवेश कराया. इसके बाद वे अलग-अलग राज्यों में घूमते हुए गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगमा ने पूछताछ में कबूल किया है कि वह पैसे लेकर अवैध रूप से लोगों को सीमा पार कराने का काम करता था.पुलिस ने बताया कि बांग्लादेश में दबाव बढ़ने के बाद संगमा खुद भी उसी रास्ते से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ और कई जगहों पर छिपकर रह रहा था ताकि पुलिस की नजर से बच सके. शनिवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.