सिगरेट की आग से खामेनेई स्वाहा! मौत पर ईरानी बेटियों का ‘चीयर्स’, क्या अब ईरान में महिलाएं होंगी आजाद?

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ईरान से आई दो तस्वीरों ने पहले विरोध की आग दिखाई थी, अब वही तस्वीरें जश्न की कहानी बन गई हैं. कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर में एक युवती देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर जलाकर उसी आग से सिगरेट सुलगाती नजर आई थी. यह दृश्य ईरान में महिलाओं के गुस्से और सत्ता के खिलाफ खुली चुनौती का प्रतीक बना. अब खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद उसी तरह की महिलाएं ‘चीयर्स’ करती और जश्न मनाती दिखाई दे रही हैं. इन तस्वीरों ने दुनिया भर में बहस छेड़ दी है कि क्या यह सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिक्रिया है या फिर दशकों से सख्त सामाजिक और धार्मिक पाबंदियों में जी रही ईरानी महिलाओं की आजादी की शुरुआत?
  • पहली तस्वीर तब वायरल हुई थी जब ईरान में महिलाओं के अधिकारों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज थे. हिजाब नियमों और सामाजिक प्रतिबंधों के खिलाफ उठी आवाजों में महिलाओं ने खुलकर सत्ता का विरोध किया. खामेनेई की तस्वीर जलाकर सिगरेट जलाना सिर्फ प्रतीकात्मक विरोध नहीं था, बल्कि डर की दीवार टूटने का संकेत माना गया.
  • अब दूसरी तस्वीरों में महिलाएं ग्लास टकराकर जश्न मनाती दिख रही हैं. दावा किया जा रहा है कि यह जश्न खामेनेई की मौत की खबर के बाद का है. सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को लाखों बार शेयर किया गया और यह बहस शुरू हो गई कि क्या ईरान का समाज बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है.

    ईरान में महिलाओं का संघर्ष क्यों बना वैश्विक मुद्दा?

    • पिछले कुछ सालों में ईरान में महिलाओं के अधिकार सबसे बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनकर उभरे हैं. ड्रेस कोड, सार्वजनिक जीवन में पाबंदियां और मोरल पुलिसिंग के खिलाफ लगातार आंदोलन होते रहे हैं. कई बार इन आंदोलनों को सख्ती से दबाया गया, लेकिन विरोध की आवाज पूरी तरह खत्म नहीं हुई. महसा अमिनी की मौत के बाद आंदोलन और तेज हो गया.
    • खामेनेई की मौत के बाद सत्ता संरचना में संभावित बदलाव महिलाओं के आंदोलन को नई दिशा दे सकता है. हालांकि यह भी सच है कि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था सिर्फ एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है, इसलिए तुरंत बड़े बदलाव की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी.