₹57,000 करोड़ कर्ज में डूबी कंपनी खरीदने को भिड़े वेदांता और अडानी, किसने मारी बाजी, जानिए

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कर्ज में डूबी कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स (Jaiprakash Associates) के अधिग्रहण के लिए देश की दो दिग्‍गज कारोबारी समूहों, वेदांता और अडानी में जोरदार टक्‍क्‍र हुई. बाजी अनिल अग्रवाल की वेदांता के हाथ लगी है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि जेपी एसोसिटएट्स के लिए वेदांता ने ₹17000 करोड़ की विनिंग बिड लगाई है. इस बिड वैल्यू के हिसाब से जयप्रकाश एसोसिएट्स की नेट प्रेजेंट वैल्यू ₹12,505 करोड़ आ रही है. जयप्रकाश एसोसिएट्स को खरीदने के लिए शुरुआत में अडानी समूह, डालमिया भारत, वेदांता ग्रुप, जिंदल पावर और पीएनसी इंफ्राटेक ने बोली लगाई गई थी. लेकिन, आखिर में अडानी और वेदांता ही मैदान में बचे.

जयप्रकाश एसोसिट्स पर ₹57,185 करोड़ का भारी-भरकम कर्ज है. रियल एस्टेट, सीमेंट, पावर, होटल्स और सड़कों को लेकर काम करने वाली यह कंपनी लोन की पेमेंट नहीं कर पाने के चलते दिवाला प्रक्रिया में चली गई थी. कंपनी को कर्ज देने वाले लेंडर्स ने आईबीसी (इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड) के तहत इसकी बिक्री के लिए नीलामी की प्रक्रिया शुरू की थी. इस नीलामी प्रोसेस को लेकर जयप्रकाश एसोसिएट्स के कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की बैठक 5 सितंबर को हुई थी.
जेपी एसोसिएट्स के पास नोएडा और ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रीन्स विशटाउन, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स सिटी, दिल्ली-एनसीआर में इसके तीन कॉमर्शियल/इंडस्ट्रियल ऑफिस दिल्ली-एनसीआर, मसूरी और आगरा में पांच होटल, मध्‍यप्रदेश और और यूपी में चार सीमेंट प्लांट्स और एमपी में लीज पर लिए हुए कुछ लाइमस्टोन माइन्स हैं. सीमेंट प्लांट अभी चल नहीं रहे हैं. इन सबके अलावा जयप्रकाश एसोसिएट्स का सब्सिडरीज- जयप्रकाश पावर वेंचर्स, यमुना एक्सप्रेसवे टोलिंग, जयपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट समेत कुछ और कंपनियों में निवेश भी है.

अधिग्रहण में लगेगा वक्‍त

बिजनेस स्‍टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिग्रहण की प्रक्रिया में अभी काफी समय लगेगा. लेनदारों की समिति ने बोलीदाताओं को यह आश्वस्त करने के लिए कहा है कि अगर यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) के साथ जयप्रकाश एसोसिएट्स के भूमि विवाद में फैसला कंपनी के पक्ष में रहता है तो उन्हें अतिरिक्त भुगतान करना होगा. यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) के साथ जयप्रकाश एसोसिएट्स के भूमि विवाद का मामला फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है.