‘9 गुना GDP, 30 साल तक 10% ग्रोथ’, नीति आयोग के पूर्व CEO ने बताया विकसित भारत का रोडमैप

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 देश की आर्थिक दिशा, वैश्विक भूमिका और दीर्घकालिक राष्ट्रीय दृष्टि पर केंद्रित News18 Rising Bharat Summit 2026 का आज यानी 27 फरवरी 2026 से आगाज हो रहा है. दो दिनों तक चलने वाले इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से होगा. उनके संबोधन से समिट की रूपरेखा और नीति-आधारित चर्चाओं की दिशा तय होने की उम्मीद है. समिट में कारोबार, प्रौद्योगिकी, वैश्विक निवेश और रणनीतिक मामलों से जुड़े देश-विदेश के कई दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण में भारत की आर्थिक प्रगति, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बढ़ती भूमिका और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर प्रकाश डाल सकते हैं.

व्यवसाय और टेक्नोलॉजी जगत से दिग्गज निवेशक रमेश दमानी, डेविड टेट, टेक उद्यमी विशाल सिक्‍का और शशि शेखर वेम्‍पति जैसे वक्ता मंच साझा करेंगे. इन सत्रों में पूंजी प्रवाह, उभरती प्रौद्योगिकियां, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बदलती भूमिका पर चर्चा होगी. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत स्टार्टअप इकोसिस्टम, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और समिट इन विषयों पर ठोस नीति सुझावों का मंच बन सकता है.

रणनीतिक विमर्श

अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य से जॉर्ज यो, निक कार्टर, और कार्लोस एम. गुतेरेज जैसे वक्ता हिस्सा लेंगे. इनके साथ विभिन्न देशों के राजदूत ग्‍लोबल गवर्नेंस, सुरक्षा सहयोग और आर्थिक साझेदारी पर अपने विचार रखेंगे. इन सत्रों में भू-राजनीतिक बदलाव, इंडो-पैसिफिक रणनीति, आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा होने की संभावना है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्‍णव, ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्‍ता भी विभिन्न सत्रों में शामिल होंगी. इनके संबोधन में व्यापार विस्तार, बुनियादी ढांचा विकास, डिजिटल गवर्नेंस, एविएशन और क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं जैसे विषय प्रमुख रहेंगे. सरकारी प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के नेताओं के बीच संवाद से निवेश, विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर ठोस चर्चा की उम्मीद है.