झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को उस समय हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा की ओर बढ़ते हुए कई बैरिकेड तोड़ दिए. पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए पहले पानी की बौछार की और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े. इसपर भी छात्र नहीं माने तो पुलिस ने उनपर लाठीचार् कर दिया. अब पुलिस विरोध मार्च की CCTV फुटेज खंगालकर उन लोगों की पहचान करेगी, जिन्हें अधिकारियों ने शांतिपूर्ण आंदोलन को बाधित करने वाला बताया है. रांची के SSP राकेश रंजन ने कहा कि पुलिस CCTV फुटेज की जांच करेगी और ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान की जाएगी, जिन्होंने छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को कथित तौर पर बाधित किया. उन्होंने बताया कि सोमवार की झड़प में 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में विपक्षी भाजपा ने मंगलवार 11 अगस्त 2026 को झारखंड बंद का ऐलान किया है.
SSP के मुताबिक, विधानसभा के आसपास प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड पार कर लिए, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी. उन्होंने इसे स्थिति संभालने के लिए किया गया हल्का लाठीचार्ज बताया. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड तोड़े जाने के बाद हालात बिगड़े. इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को सुबह 8 बजे से आधी रात तक झारखंड बंद का आह्वान किया है. पार्टी ने पुलिस पर छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है. BJP के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने दावा किया कि सोमवार की कार्रवाई में सैकड़ों प्रदर्शनकारी घायल हुए और कई छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि JMM के नेतृत्व वाली राज्य सरकार छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है.
बहकावे में न आएं छात्र – सीएम हेमंत सोरेन
झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, पानी की बौछार की और लाठियां बरसाईं. उन्होंने इसे तानाशाही सरकार की कार्रवाई बताते हुए छात्रों के खिलाफ कथित बर्बर कार्रवाई रोकने की मांग की. BJP ने हालांकि बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को दायरे से बाहर रखने की बात कही है. दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने और राजनीतिक ताकतों के बहकावे में नहीं आने की अपील की है. सोरेन ने कहा कि वह छात्रों की चिंताओं को समझते हैं और विपक्ष के कुछ नेताओं पर आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए माहौल खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया. सोरेन ने कहा कि छात्रों को अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखने का पूरा अधिकार है और सरकार उनकी मांगों की पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ जांच करेगी.
विरोध-प्रदर्शन का 18वां दिन
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 18वें दिन में प्रवेश कर गया. छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष अवसर और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी शिकायतों का समाधान शामिल है. सोमवार की हिंसा के बाद आंदोलन अब राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है.












