चुनाव आयोग में कथित मतभेद को लेकर विपक्ष का हमला लगातार तेज हो रहा है. इसी बीच तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी से खास अपील की है. महुआ मोइत्रा ने X पर वीडियो जारी कर कहा कि दोनों चुनाव आयुक्त किसी भी दबाव के आगे न झुकें. उन्होंने दावा किया कि सरकार दोनों आयुक्तों और उनके परिवार तथा सहयोगियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है. महुआ ने कहा कि वह सांसद के तौर पर नहीं बल्कि देश की नागरिक के तौर पर यह अपील कर रही हैं. उन्होंने अपनी संसद सदस्यता जाने और जांच एजेंसियों की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि वह दबाव के आगे नहीं झुकी थीं. महुआ ने दोनों चुनाव आयुक्तों से भी ऐसा ही करने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह ऐसा समय है जब इतिहास उनके फैसले को देखेगा और लोकतंत्र के लिए उन्हें पीछे नहीं हटना चाहिए.
शशि थरूर ने भी उठाए सवाल, पूछा- 14 आपत्तियों का क्या हुआ?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी चुनाव आयोग की सफाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि आयोग ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के जवाब में बताया है कि आंतरिक टिप्पणियां निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं और पिछले एक साल के सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं. हालांकि थरूर ने कहा कि आयोग का जवाब जांच में उठाए गए कई खास सवालों को स्पष्ट नहीं करता. उन्होंने पूछा कि क्या कथित 14 आपत्तियां वास्तव में दर्ज हुई थीं और अगर हुई थीं तो हर आपत्ति पर क्या फैसला लिया गया. उन्होंने फॉर्म-6 में बदलाव के कानूनी आधार और वोटर लिस्ट के आंकड़ों तक पहुंच को लेकर उठी चिंताओं पर भी जवाब मांगा. थरूर ने गोवा में कथित 97 मतदाताओं के मामले और बहाल किए गए मतदाताओं के खिलाफ दायर अपीलों को लेकर भी सवाल पूछे. उन्होंने कहा कि अंतिम फैसले सर्वसम्मति से होने की बात अपने आप में यह नहीं बताती कि निर्णय प्रक्रिया के दौरान उठाई गई आपत्तियों का क्या हुआ. थरूर ने चुनाव आयोग से इन मुद्दों पर बिंदुवार और दस्तावेजी स्पष्टीकरण देने की मांग की.












