अमेज़न के जंगलों का वो ‘साया’ जो 25 साल तक किसी को नहीं दिखा, अब कैमरे के सामने आया तो उड़ गए सबके होश

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अमेज़न के घने जंगलों में एक बेहद रहस्यमय जीव दिखा है. इसे लोग ‘घोस्ट डॉग’ या शॉर्ट-इयर्ड डॉग के नाम से जानते हैं. बोलीविया और पेरू के जंगलों में रहने वाले इस जीव के बारे में दुनिया बहुत कम जानती है. साइंटिस्ट्स ने करीब 25 साल तक इस पर रिसर्च की है. वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी के रोबर्ट वालेस और उनकी टीम ने इस रिसर्च को पूरा किया है. उन्होंने कैमरा ट्रैप की मदद से इस दुर्लभ जीव की कई तस्वीरें निकाली हैं. नियोट्रॉपिकल बायोलॉजी एंड कंजर्वेशन जर्नल में यह रिसर्च पब्लिश हुई है. इस रिसर्च से पता चला है कि घोस्ट डॉग की आबादी उम्मीद से ज्यादा है. यह जीव इंसानों की नजरों से हमेशा दूर रहता है.

कैमरा ट्रैप की तस्वीरों में इस घोस्ट डॉग का लुक कैसा दिखाई दिया है?
साइंटिस्ट्स ने 25 साल में करीब 34 बार कैमरा ट्रैप सर्वे किए हैं. इस दौरान उन्हें घोस्ट डॉग की 594 तस्वीरें मिली हैं. इन तस्वीरों में इस जीव का बड़ा सिर और छोटे गोल कान दिखाई दिए हैं. इसके पैर छोटे और पूंछ काफी लंबी और घनी है. इसका रंग लाल-भूरा और काला-ग्रे मिक्स है. सबसे अलग बात इसके पैर हैं जो थोड़े जालीदार यानी वेब्ड हैं. अमेज़न के दूसरे डॉग्स में ऐसे पैर नहीं मिलते हैं.
अमेज़न के जंगलों में इन रहस्यमय घोस्ट डॉग की कुल कितनी आबादी है?
रिसर्च टीम के मुताबिक घोस्ट डॉग की आबादी उतनी कम नहीं है जितनी पहले सोची गई थी. यह जीव दिखने में बहुत दुर्लभ है पर जंगलों में इनकी संख्या ठीक है. साइंटिस्ट्स का अनुमान है कि लगभग 38 वर्ग मील के एरिया में 15 घोस्ट डॉग रहते हैं. इस इलाके में मिलने वाले जगुआर जैसे बड़े शिकारियों से इनकी संख्या ज्यादा है. ओसेलोट नाम के मीडियम साइज के जीवों से इनकी संख्या कम है. यह पहली बार है जब इनकी आबादी का ऐसा डेटा सामने आया है.
यह अनोखा घोस्ट डॉग दिन के समय किस वक्त सबसे ज्यादा एक्टिव रहता है?
रोबर्ट वालेस के अनुसार यह रिसर्च कंजर्वेशन टेक्नोलॉजी का एक बेहतरीन उदाहरण है. कैमरा ट्रैप की वजह से इस अनजान जीव का सच सामने आ सका है. डेटा से पता चला है कि घोस्ट डॉग सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं. इसके पैर वेब्ड होने के बाद भी यह पानी में रहना पसंद नहीं करता है. यह गहरे और घने जंगलों का स्पेशलिस्ट जीव है. यह नदियों से दूर ऊंचे जंगलों में अपना समय बिताता है.
इतने सालों तक यह जीव इंसानों की नजरों से कैसे बचकर छुपा रहा?
घोस्ट डॉग के घने जंगलों में रहने के कारण इंसान इन्हें देख नहीं पाते हैं. इनका स्वभाव बहुत ही शांत और संकोची होता है. इनके सुनने और सूंघने की क्षमता बहुत तेज होती है. इस वजह से इन्हें इंसानों के आने का पता पहले ही चल जाता है. यह तुरंत वहां से छुप जाते हैं. रिसर्च में पाया गया कि प्रोटेक्टेड नेशनल पार्क और स्थानीय आदिवासी इलाकों में इनकी संख्या ज्यादा सुरक्षित है. बिना सुरक्षा वाले इलाकों में इनकी जान को खतरा ज्यादा रहता है.