संसद मानसून सत्र में कुछ बड़ा होने वाला है, अखिलेश यादव ने बंद कमरे में राहुल गांधी क्‍या बातचीत की है?

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संसद मानसून सत्र 2026 की शुरुआत हो चुकी है. NEET और दूसरे पेपर लीक के साथ ही परीक्षा प्रणाली में सुधार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्‍तीफे की मांग के साथ ही कुछ ही दूरी जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच अब सबकी निगाहें विपक्ष पर है. आंदोलनकारी छात्र जानना चाहते हैं विपक्ष के बड़े नेता और दल उनकी मांगें कितनी पुरजोर तरीके से उठाते हैं. ऐसे में संकेत मिल रहे हैं कि संसद मानसून सत्र में कुछ बड़ा होने वाला है. ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्‍योंकि समाजवादी पार्टी के प्रमुख कन्‍नौज अखिलेश यादव ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ बंद कमरे में बैठक की है. दोनों के बीच मुद्दों को लेकर गहन मंत्रणा हुई है. निगाहें इस ओर हैं कि सदन में दोनों क्‍या स्‍टैंड लेने वाले हैं.

राहुल के कमरे में हुई बैठक
दरअसल, राहुल गांधी और अखिलेश यादव की बैठक नेता विपक्ष के कमरे में हुई. ज़ाहिर तौर पर इस बैठक में दोनों की तरफ से सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है कि कैसे किन-किन प्रमुख मुद्दों पर सरकार से सवाल किए जाएं. चाहे वह नीट पेपर लीक का मसला हो या राम मंदिर में चोरी का. बाकी दूसरे मसलों पर भी सरकार को घेरने का प्‍लान तैयार किया जा रहा है.
राहुल सपा पर क्‍यों कर रहे फोकस?
वैसे आज संसद मानसून सेशन की शुरुआत से ही विपक्ष ने अपने तेवर कड़े किए हुए हैं. हंगामे की वजह से सदन कार्यवाही को कई बार स्‍थगित कर दिया गया है. ऐसे में राहुल गांधी और कांग्रेस भी इस बात को जानते हैं कि अभी समाजवादी पार्टी मजबूत स्थिति में है. समाजवादी पार्टी लगातार सरकार की पॉलिसी का विरोध कर रही है. ऐसे में राहुल गांधी और अखिलेश यादव की बैठक हुई है. इसे काफी महत्वपूर्ण कहा जा सकता है.
कॉमन रणनीति पर हो रहा काम
इस बैठक को इस तरीके से देखा जा सकता है कि कॉमन रणनीति बनाकर सरकार को घेरा जाए, क्योंकि चाहे वो राम मंदिर चंदा चोरी विवाद हो या फिर नीट परीक्षा लीक का मसला हो. विपक्ष भी इस बात को जानती है कि कई ऐसे मसले हैं, जहां पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया जा सकता है. ऐसे में कोशिश की जा रही है कि जो भी दल इंडिया गठबंधन में अभी मौजूद हैं, वो कम से कम एकजुट रहें. ताकि संसद में सरकार के खिलाफ़ पुरजोर तरीके से मुद्दे को उठाया जा सके.