युद्ध में हार चुके हैं इजराइल-अमेरिका’, ईरान ने लगाए ‘हाइब्रिड वॉर’ के आरोप

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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध थमता नहीं दिख रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच अब तक कोई औपचारिक युद्धविराम समझौता नहीं हो पाया है और हालात फिर से बिगड़ते नजर आ रहे हैं. पिछले 48 घंटों में तनाव तब और बढ़ गया, जब ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने दक्षिणी प्रांत होरमोजगन में सैन्य कार्रवाई कर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. दरअसल अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को दावा किया था कि उसने दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों और कुछ नौकाओं पर हमला किया. अमेरिका के मुताबिक ये नौकाएं खाड़ी क्षेत्र में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं. इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी विमानों को निशाना बनाया, जो कथित तौर पर ईरानी हवाई सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे. ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी सेना लगातार गैरकानूनी और उकसावे वाली कार्रवाई कर रही है और पिछले 48 घंटों में उसने युद्धविराम का खुला उल्लंघन किया है.

ईरान युद्ध में अब तक क्या-क्या?

  • उधर लेबनान में भी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. मंगलवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 लोग घायल बताए जा रहे हैं. इजरायली सेना ने दक्षिण और पूर्वी लेबनान के कई इलाकों में हमले तेज कर दिए हैं और लोगों को गांव खाली करने के आदेश जारी किए हैं.
  • लगातार हो रहे हमलों की वजह से दक्षिणी लेबनान में दहशत का माहौल है. बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित इलाकों की ओर भाग रहे हैं. बताया जा रहा है कि इजरायली जमीनी सेना भी लेबनानी क्षेत्र के अंदर तक आगे बढ़ रही है.
  • तेहरान से मिली रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी अधिकारी अमेरिका की कार्रवाई को खुलेआम युद्धविराम का उल्लंघन बता रहे हैं. उनका कहना है कि अमेरिकी हमलों के बाद अब वॉशिंगटन पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है, जिससे शांति वार्ता पर भी असर पड़ सकता है.
  • इस बीच ईरान की सेना के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजरायल ने फिर हमला किया, तो ईरान पहले से कहीं ज्यादा कड़ा और व्यापक जवाब देगा, जिसका असर क्षेत्र से बाहर भी देखने को मिल सकता है.
  • वहीं ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा है कि कई हफ्तों की पाबंदियों के बाद देश में इंटरनेट सेवाएं बहाल करने की दिशा में पहला कदम उठा लिया गया है.