जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने पीएम मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है. इसके साथ ही सीजेपी ने भी जंतर मंतर पर अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया है. CJP के प्रवक्ताओं ने सरकार के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हमारी पहली मांग पूरी हो गई है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने अपना इस्तीफा दे दिया है. CJP अपना आंदोलन वापस लेती है.’
सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेने पर सहमति जताई है. वहीं सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में CJP टीम और आंदोलन के आयोजकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
उधर प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के सियासी गलियारे में भी खूब हलचल देखी गई. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की. उधर गृहमंत्री अमित शाह भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे. दूसरी तरफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी दिल्ली रवाना हो चुके हैं.
इससे पहले धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,’मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है. मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं.’
जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. भारत की युवा शक्ति ही इस देश की असली ताकत है. देश की युवा शक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है. जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं. देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री मोदी को भेज दिया है.












